सोमवार, 13 दिसंबर 2010

शोर हो गइल

उनके देखलीं त मनवा चकोर हो गइल

बात उनसे न कइलीं कि शोर हो गइल

चांन बदरी में कतहीं लुकाइल रहे

उनकी हंसला से सगरी अंजोर हो गइल

बात बात में कोहाइल आ रूसल करे

एतना नाजुक सनेहिया के डोर हो गइल

मन में सूरत के खाली बसा लिहली त

लोग लागल कहे मन क चोर हो गइल

जान लेके बुझाता कि आँसू रुकी

एतना कंचन के दिल में मरोर हो गइल ।

2 टिप्‍पणियां:

  1. वाह वाह आपने तो तीनो इक्के चल दिए।
    भोजपुरी लिखत हौवा तs यहू ध्यान दs कि हमरे मतिन s कs प्रयोग करा। s s भोजपुरी में अर्थ को स्पष्ट करने के लिए यह जरूरी है।

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  2. Good one. उनकी हंसला से ko fir se dekh len. Kuchh atpata lag raha hai.... shaayad.

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