ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।
ई त परम पवित्र तुलसीदल हवे ना ॥
नइहर ससुर में उमर बंटि जाला ,
सुखवा आ दुखवा के दिन कटि जाला ,
बारों मास फरे वाला ऋतुफल हवे ना ।
ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।।
जेकरा के दान कइले पपवा पराला ,
घुंघटा सफल जब अँचर भरि जाला ,
दूनोकुल तारे वाली ई तरल हवे ना ।।
माई के परान क पियार पाती बेटी ,
ससुई के अंचरा क थाती हवे बेटी ,
अपना पति खातिर माया ई प्रबल हवे ना ।
ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।।
देवता के आगे पूजा थार हवे बेटी ,
हियरा के हीर आंसू धार हवे बेटी ,
कीच काच बीच कंचन कमल हवे ना ।
ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।।
नाजुक सनेहिया के डोर हवे बेटी ,
मघवा आ पुसवा के भोर हवे बेटी ,
सबका होठे होठे गीत आ गजल हवे ना ।।
सीमा वाले सइयां कर कटार हवे बेटी ,
भइया के कलाई के दुलार हवे बेटी ,
पति , पुत्र अरु पृथ्वी के बल हवे ना ।
ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।।
अन्नपूर्णा लक्ष्मी सरस्वती कहाले ,
होला जब समर रणचंडी बनि जाले ,
अबला कहाले पर सबल हवे ना ।
ई त बेटी नाहीं देखीं गंगाजल हवे ना ।